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#🤲क़ुरान शरीफ़📗
🤲क़ुरान शरीफ़📗 - surrat No 34 : Ayat No 22 ِیفاَلَو ِتوُمَّسلاِیفِةَّذ لاَقْثِم َنْوُگِلْثَياَّ ِهُللاِؤُ نِم ْمُتْثَعَز َنْيِذَّلا اوُع3ا ِلُق ۀلاَمَو كانِش نِما @೫೫೫ ' هاَتِهْيِف مُهَلاَمَو ِضْرَالا से) कहो कि पुकार देखो (ऐ नबी (३८) इन मुशरिकों जिन्हें तुम अल्लाह के सिवा अपने उन माबूदों को अपना माबूद समझे बैठे हो।(३९) वो न आसमानों में किसी ज़र्रा भर चीज़ के मालिक हैं, न ज़मीन में। वो आसमान और ज़मीन की मिलकियत में शरीक भी नही हैं। उनमें से कोई अल्लाह का मददगार भी नहीं है। surrat No 34 : Ayat No 22 ِیفاَلَو ِتوُمَّسلاِیفِةَّذ لاَقْثِم َنْوُگِلْثَياَّ ِهُللاِؤُ نِم ْمُتْثَعَز َنْيِذَّلا اوُع3ا ِلُق ۀلاَمَو كانِش نِما @೫೫೫ ' هاَتِهْيِف مُهَلاَمَو ِضْرَالا से) कहो कि पुकार देखो (ऐ नबी (३८) इन मुशरिकों जिन्हें तुम अल्लाह के सिवा अपने उन माबूदों को अपना माबूद समझे बैठे हो।(३९) वो न आसमानों में किसी ज़र्रा भर चीज़ के मालिक हैं, न ज़मीन में। वो आसमान और ज़मीन की मिलकियत में शरीक भी नही हैं। उनमें से कोई अल्लाह का मददगार भी नहीं है। - ShareChat

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