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#👍स्पेशल शायरी🖋 #🎙️मशहूर शायरों की शायरी✍️ #✍मेरे पसंदीदा लेखक #✒ गुलज़ार की शायरी 🖤 #🖋ग़ालिब की शायरी
👍स्पेशल शायरी🖋 - ग़ालिब 15 46 कह कर तोड 41 दी तस्बीह (माला) गिनकर ٩٩٢ नामलूउसका जो बेहिसाब देता है | ग़ालिब 15 46 कह कर तोड 41 दी तस्बीह (माला) गिनकर ٩٩٢ नामलूउसका जो बेहिसाब देता है | - ShareChat