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#यथार्थ_गीता_ज्ञान गीताजी अध्याय 18 श्लोक 62 प्रमाणित करता है कि पूर्ण परमात्मा गीता ज्ञानदाता से भिन्न है। हे भारत! तू संपूर्ण भाव से उस परमेश्वर की ही शरण में जा। उस परमात्मा की कृपा से ही तू परम शान्ति को तथा सदा रहने वाले अविनाशी स्थान को अर्थात् सतलोक को प्राप्त होगा।” यही प्रमाण गीता जी अध्याय 18 श्लोक 66 में भी दिया गया है।
यथार्थ_गीता_ज्ञान - गीता अध्याय १८ श्लोक ६४ में देखिए अत्यंत गोपनीय रहस्य अध्याय १८ का श्लोक ६४ सर्वगुह्यतमम् भूयः श्रृणु मे, परमम् वचः इष्टः, असि, मे॰ दृढम् इति ततः, वक्ष्यामि ते টিনসূ1/6411 अनुवादः ( सर्वगुह्यतमम्) सम्पूर्ण गोपनीयोंसे अति गोपनीय (मे) मेरे (परमम् ) परम रहस्ययुक्त (हितम् ) हितकारक (वचः ) वचन (ते) तुझे (भूयः ) फिर ( वक्ष्यामि ) कहूँगा (ततः) इसे (श्रृणु) सुन (इति) यह पूर्ण ब्रह्म (मे) मेरा (दृढम् ) पक्का निश्चित ( इष्टः ) इष्टदेव अर्थात् पूज्यदेव (असि) है। (६४) हिन्दीः सम्पूर्ण गोपनीयोंसे अति गोपनीय मेरे परम रहस्ययुक्त हितकारक वचन तुझे फिर कहूँगा इसे सुन यह पूर्ण ब्रह्म मेरा पक्का Rfa इष्टदेव अर्थात प्ज्यदेव है। पवित्र पुर्तक  निःशुल्क पायें अपना नामः परा पता भेज ज्ञान गगा +91 7496801823 ` गीता अध्याय १८ श्लोक ६४ में देखिए अत्यंत गोपनीय रहस्य अध्याय १८ का श्लोक ६४ सर्वगुह्यतमम् भूयः श्रृणु मे, परमम् वचः इष्टः, असि, मे॰ दृढम् इति ततः, वक्ष्यामि ते টিনসূ1/6411 अनुवादः ( सर्वगुह्यतमम्) सम्पूर्ण गोपनीयोंसे अति गोपनीय (मे) मेरे (परमम् ) परम रहस्ययुक्त (हितम् ) हितकारक (वचः ) वचन (ते) तुझे (भूयः ) फिर ( वक्ष्यामि ) कहूँगा (ततः) इसे (श्रृणु) सुन (इति) यह पूर्ण ब्रह्म (मे) मेरा (दृढम् ) पक्का निश्चित ( इष्टः ) इष्टदेव अर्थात् पूज्यदेव (असि) है। (६४) हिन्दीः सम्पूर्ण गोपनीयोंसे अति गोपनीय मेरे परम रहस्ययुक्त हितकारक वचन तुझे फिर कहूँगा इसे सुन यह पूर्ण ब्रह्म मेरा पक्का Rfa इष्टदेव अर्थात प्ज्यदेव है। पवित्र पुर्तक  निःशुल्क पायें अपना नामः परा पता भेज ज्ञान गगा +91 7496801823 ` - ShareChat

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