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उम्मीद...#ummid #Shayari #task# *task
ummid - उम्मीद वो शाम नहीं जो ढल जाने से डरती है 0اان चो रौशनी है जो आने से डरती है।दिल 9০0 में जलाएरख उम्मीद का दिया, क्योंकि रात कितनी भी गहरी हो, सहरहोने से नहीं मरती है॰. (  9 0 उम्मीद वो शाम नहीं जो ढल जाने से डरती है 0اان चो रौशनी है जो आने से डरती है।दिल 9০0 में जलाएरख उम्मीद का दिया, क्योंकि रात कितनी भी गहरी हो, सहरहोने से नहीं मरती है॰. (  9 0 - ShareChat

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