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#राधे कृष्ण #श्रीकृष्ण की #पटरानियाँ और उनके पुत्र" भगवान श्री कृष्ण की 8 पत्नियां थी। प्रत्येक पत्नी से उन्हें 10 पुत्रों की प्राप्ति हुई थी, इस तरह से उनके 80 पुत्र थे। भगवान कृष्ण की पटरानियाँ और उनके पुत्र इस प्रकार हैं :- 1. '#रुक्मणी' महाभारत के अनुसार कृष्ण ने रुक्मणि का हरण कर उनसे विवाह किया था। विदर्भ के राजा भीष्मक की पुत्री रुक्मणि भगवान कृष्ण से प्रेम करती थी और उनसे विवाह करना चाहती थी। रुक्मणि के पांच भाई थे- रुक्म, रुक्मरथ, रुक्मबाहु, रुक्मकेस तथा रुक्ममाली। रुक्मणि सर्वगुण संपन्न तथा अति सुन्दरी थी। उसके माता-पिता उसका विवाह कृष्ण के साथ करना चाहते थे किंतु रुक्म चाहता था कि उसकी बहन का विवाह चेदिराज शिशुपाल के साथ हो। यह कारण था कि कृष्ण को रुक्मणि का हरण कर उनसे विवाह करना पड़ा। रूक्मिणी के पुत्र:- प्रद्युम्न, चारूदेष्ण, सुदेष्ण, चारूदेह, सुचारू, विचारू, चारू, चरूगुप्त, भद्रचारू, चारूचंद्र। 2. '#सत्यभामा' सत्यभामा वह राजा सत्राजित की पुत्री थी। उन्होंने कृष्ण तथा यादव राजवंश से मधुर संबंध बनाने के लिए ही अपनी पुत्री का विवाह कृष्ण से किया था। सत्राजीत को शक्तिसेन के नाम से भी जाना जाता है। सत्यभामा के पुत्र:- भानु, सुभानु, स्वरभानु, प्रभानु, भानुमान, चंद्रभानु, वृहद्भानु, अतिभानु, श्रीभानु और प्रतिभानु। 3. '#सत्या' सत्या राजा नग्नजित की पुत्री थी। इनके पिता की शर्त के मुताबिक कृष्ण ने सात बैलों को एकसाथ नथ करके इनसे विवाह किया था। सत्या के पुत्र:- वीर, अश्वसेन, चंद्र, चित्रगु, वेगवान, वृष, आम, शंकु, वसु और कुंत। 4. '#जाम्बवंती' जाम्बवंती, निषाद राज जाम्बवन की पुत्री थी। जाम्बवान उन गिने चुने पौराणिक पात्रों में से एक है जो रामायण और महाभारत दोनों समय उपस्तिथ थे। जाम्बवंती के पुत्र:- साम्ब, सुमित्र, पुरूजित, शतजित, सहस्रजित, विजय, चित्रकेतु, वसुमान, द्रविड़ व क्रतु। 5. '#कालिंदी' सूर्यपुत्री कालिन्दी की तपस्या से प्रसन्न होकर कृष्ण ने इनसे विवाह किया था। कालिंदी, खांडव वन की रहने वाली थी और यही वह स्थान है जहाँ पांडवों ने अपना इंद्रप्रस्थ बनवाया था। कालिंदी के पुत्र:- श्रुत, कवि, वृष, वीर, सुबाहु, भद्र, शांति, दर्श, पूर्णमास एवं सोमक। 6. '#लक्ष्मणा' मद्र कन्या लक्ष्मणा, वृहत्सेना की पुत्री थी। लक्ष्मणा ने भी स्वयंवर में ही कृष्ण को अपना पति मानकर उनसे विवाह किया था। लक्ष्मणा के पुत्र:- प्रघोष, गात्रवान, सिंह, बल, प्रबल, ऊध्र्वग, महाशक्ति, सह, ओज एवं अपराजित। 7. '#मित्रविंदा' मित्रविंदा, अवन्तिका ( उज्जैन ) की राजकुमारी थी। कृष्ण ने इन्हें इनके स्वयंवर में विजेता बनकर अपनी पटरानी बनाया था। मित्रविंदा के पुत्र:- वृक, हर्ष, अनिल, गृध, वर्धन, अन्नाद, महांश, पावन, वहिन तथा क्षुधि। 8. '#भद्रा'/ '#रोहिणी' भद्रा/रोहिणी केकय देश के राजा ऋतुसुकृत की पुत्री थी। इन्होंने ने कृष्ण को स्वयंवर में वर कर विवाह किया था। भद्रा के पुत्र:- संग्रामजित, वृहत्सेन, शूर, प्रहरण, अरिजित, जय, सुभद्र, वाम, आयु और सत्यक। #विशेष:- इनके अतिरिक्त श्रीकृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस का वध कर 16100 कन्याओं को उसके चंगुल से मुक्त कराया था। तथा वे संसार द्वारा सताई ना जायें इसलिए उन्हें पत्नी रूप में स्वीकार कर अपने पास आश्रय दिया था। इन सभी कन्याओं ने भी श्रीकृष्ण को अपने पति के रूप में स्वीकार किया था। अतः यदि इन्हेंभी शामिल किया जाये तो श्रीकृष्ण की #कुल_16108_रानियाँ थीं। 🙏🙏🙏🙏🙏
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