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#✌️जीवन की प्रेरणादायी सीख
✌️जीवन की प्रेरणादायी सीख - कबीर कहते हैंः- जब मैं था, तब हरि नाहीं ,अब हरि हैँ मैं नाहीं सब अंधियारा मिट गया, जब दीपक देख्या माहिं ঔথনি जब तक मैं, यानी " अहंकार" था ईश्वर नहीं था, जब " अहंकार" मिट गया, तब "ईश्वर" का प्रकाश दिखाई दिया 109..88 ( कबीर कहते हैंः- जब मैं था, तब हरि नाहीं ,अब हरि हैँ मैं नाहीं सब अंधियारा मिट गया, जब दीपक देख्या माहिं ঔথনি जब तक मैं, यानी " अहंकार" था ईश्वर नहीं था, जब " अहंकार" मिट गया, तब "ईश्वर" का प्रकाश दिखाई दिया 109..88 ( - ShareChat

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