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#satnam waheguru ji #satnam shri waheguru ji #Meetha Lage Tera bhana
satnam waheguru ji - बिनु गुरकौडू न रगीऐै गुरि मिलिऐ रंगु ] गुरकै भै भाइ जौँ रते सिफती सॅचि SI3II HIGI] अर्थः गुरु के बिना किसी भी जीव पर मै तेरा परमात्मा के नाम का रंग नहीं चढ़ता।जब पूर्ण गुरु मिलते हैं, तभी यह रंग चढ़ता है। जिस प्रकार एक कोरे कपड़ को रंगने के भिखारी g सही प्रक्रिया की आवश्यकता 8 होती' जिओ मन को प्रभु प्रेम में रंगने के उसी प्रकार हमारे गुरु की आवश्यकता होती है। मनुष्य 15 का मन माया के विकारों काम , क्रोध , लोभ পঙ্াভা बिना गुरु आदि के कारण मैला हो चुका है। ' নাল के ज्ञान और मार्गदर्शन के, इंसान चाहे जितनी भी कोशिश कर ले, उसका मन पवित्र नहीं होता और न ही उस पर भक्ति का बाबा गहरा रंग चढ़ता है।जब इंसान गुरु की शरण Gft में आता है, तो गुरु उसे नाम का ज्ञान देते हैं, जिससे उसका जीवन बदल जाता है और वह प्रभु प्रेम में रंग जाता है। बिनु गुरकौडू न रगीऐै गुरि मिलिऐ रंगु ] गुरकै भै भाइ जौँ रते सिफती सॅचि SI3II HIGI] अर्थः गुरु के बिना किसी भी जीव पर मै तेरा परमात्मा के नाम का रंग नहीं चढ़ता।जब पूर्ण गुरु मिलते हैं, तभी यह रंग चढ़ता है। जिस प्रकार एक कोरे कपड़ को रंगने के भिखारी g सही प्रक्रिया की आवश्यकता 8 होती' जिओ मन को प्रभु प्रेम में रंगने के उसी प्रकार हमारे गुरु की आवश्यकता होती है। मनुष्य 15 का मन माया के विकारों काम , क्रोध , लोभ পঙ্াভা बिना गुरु आदि के कारण मैला हो चुका है। ' নাল के ज्ञान और मार्गदर्शन के, इंसान चाहे जितनी भी कोशिश कर ले, उसका मन पवित्र नहीं होता और न ही उस पर भक्ति का बाबा गहरा रंग चढ़ता है।जब इंसान गुरु की शरण Gft में आता है, तो गुरु उसे नाम का ज्ञान देते हैं, जिससे उसका जीवन बदल जाता है और वह प्रभु प्रेम में रंग जाता है। - ShareChat

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