🌙शब-ए-बारात - शबे बराअत में इबादत का तरिका मसनुना जो बहोत सारे बुजुर्गों , औलिया और सुलहा नै हुजूर स्वल्लल्लाहु अलैही व आलिही वे सल्लम | की मुबारक सैन्नतो से अख्ज करके बयान किया 1 . कुरान ए मजिद की तिलावत करें , अगर इजतेमा हो तो इब्तेदाई वक्त कुरान ए मजिद की तिलावत | मै सर्फ करें . सुरह यासिन की कमसे कम 3 मर्तबा तिलावत करें 2 . सुरह दुखान की 3मर्तबा तिलावत करें , अगर पुरी तिलावत ना कर सके तो शुरू की 8 आयतें 30 | मर्तबा तिलावत करे . 3 . कमसे कम 100 मर्तबा दुआए हजरत युनुस अलैहीस्सलाम पढे , इस रात के लिए ये दुआ बड़ी | मुजरंब है । ला ईलाहा ईल्ला अन्ता सुब्हाँ नक इन्नी कृन्तु मिनज्ज्वालीमिन ' ' जितना ज्यादा पढ़ेंगे उतनी बरकत होगी । | 4 . कमसे कम 100 मर्तबा दरूद शरीफ अल्लाहुम्मा स्वल्लिअली सय्यदिना व मौलाना मुहम्मदिवे व अला आलिही व सह बिही व ब्रारिक व सल्लिम । जितना ज्यादा पढ़ेंगे उतनी बरकत होगी 5 . कमसे कम 100 मर्तबा अस्तगफार अस्तगफिरुल्लाह अल अज्विम अल्लजी लाईलाहा ईल्ला हुवल हय्युल कय्युम व अतुबु ईलैह 6 . इस रात सलातुल तस्बिह जरुर पढ़ें 7 . कमसे कम 8 रकाअत नफील नमाज भी पढ़ें ताकै कयामुल लैल का भी सवाब मिले . ( 2 - 2 रकात करके पढ़ें ) 8 . एक खास दुआ जिसको कसरत से पढ़ें , हर 2 रकात नफ्ल के बाद पढे , सलातुल तस्बिह के बाद पढ़ें , हो सके त एक पुरी तस्बिह ( 100 मर्तबा ) भी पढ़ें , ये दुआ हुजूर स्वल्लल्लाहु अलैही व आलिही व सल्लम ने उन्मुल मिनिन हजरत आएशा सिददिका रंदिअल्लाह अन्हा को तलकीन फरमाई थी लैलतुल कद्र के लिए , चुंके शबे कद्र की खास दुआ है इसलिए बुजुर्गों ने शबे बराअत के लिए भी मुकर्रर | फरमाया : अल्लाहुम्मा इन्सुक अफव्वुन तुहिब्बुल अफ्व फफु अन्नी ' पढ़ने में आसानी हो तो इस तरह भी पढ़ सकते हैं । अल्लाहुम्मा इन्जक अफव्वुन तुहिब्बुल अफ्व फअफ अन्नी , अल्लाहम्मा असलुकल अफ्व वल आफीय अले मुआफतद दाईमा फिद्दीनी वत् दुनीया वॅल आखिरा ' 9 . नात शरीफ की महफिल और हलका ए जिक्र . - ShareChat
1.6k ने देखा
7 महीने पहले
अन्य एप्स पर शेयर करें
Facebook
WhatsApp
लिंक कॉपी करें
डिलीट करें
Embed
मैं इस पोस्ट का विरोध करता हूँ, क्योंकि ये पोस्ट...
Embed Post