झारखंड में अफीम को लेकर बदनाम खूंटी को महिलाएं कर रहीं हैं फूलों गुलजार नक्सल प्रभावित इलाके की महलाएं अब गेंदा फुल से खुद की जिंदगी बदलने की कोशिश में जुट गई हैं.झारखंड का खूंटी जो अफीम के लिए बदनाम था, आज ग्रामीण इलाकों की महिलाओं के कारण गेंदा फूल से गुलजार हो गया है. यहां की महिलाएं जंगलों से लेकर पूरे शहर को फूल की खुशबू से महकाने का काम कर रही हैं. दीपावली और छठ पूजा में अब कोलकाता नहीं, बल्कि यहां के जंगल के गेंदा फूल का उपयोग किया जाएगा. अन्य राज्यों से भी व्यवसाई फूल खरीदने के लिए पहुंच रहे हैं. नक्सल प्रभावित इलाके की महलाएं अब गेंदा फुल से खुद की जिंदगी बदलने की कोशिश में जुट गई हैं. जेएसएलपीएस के सहयोग से 40 एकड़ में चार लाख गेंदा फूल के पौधे लगाए गए हैं. इसकी देखभाल मुरहु प्रखंड की 300 से अधिक महिलाएं कर रहीं हैं. एक अनुमान है कि त्योहार के इस मौसम में 40 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक की आमदनी कर सकती हैं। खूंटी के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों गेंदा फूलों की रौनक देखते बन रही है. पहले अफीम की खेती से पुलिस प्रशासन परेशान थी. ग्रामीण चोरी-छिपे अफीम की खेती करते थे, लेकिन अब गेंदा फूल की खेती मे पूरा इलाका गुलजार हो गया है. सिर्फ दो महीनों में पांच से छह हजार की पूंजी से 50-60 हजार की आमदनी कर रहे हैं. जिले में जेएसएलपीएस की भूमिका से महिला मंडल आर्थिक विकास की नई इबारत लिख रही है. दीपावली और छठ पूजा में अब कोलकाता के गेंदा फूल की जगह खूंटी के जंगल के फूल ने ले लिया है. झारखंड के चतरा जिले के बाद खूंटी में पिछले चार-पांच वर्षों से लगातार अफीम की खेती की जा रही है, जिससे जिला प्रशासन से लेकर खूंटी के लोग परेशान हैं. इस सबके बीच जिस तरीके से जंगलों में गेंदा फूल ने जगह लिया है इससे खूंटी प्रशासन गदगद है. महिलाएं समूह बनाकर गेंदा फूल से अपनी जिंदगी में बहार ला रही हैं. इसकी संभावना है कि आमदनी बेहतर होने से लोग नशे की खेती से दूर होंगे।
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3 months ago
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