ऐसा ही है
🗞️ समाचार - हिटलर एक बार अपने साथ संसद में एक मुर्गा लेकर आया , और सबके सामने उसका एक - एक पंख नोचने लगा । मुर्गा दर्द से बिलबिलाता रहा मगर , एक - एक करके हिटलर ने सारे पंख नोच दिये , फिर मुर्गे को ज़मीन पर फेंक दिया । फिर जेब से कुछ दाने निकालकर मुर्गे की तरफ फेंक दिये और धीरे धीरे चलने लगा , तो मुर्गा भी दाना खाता हुआ हिटलर के पीछे चलने । लगा । हिटलर बराबर दाना फेंकता गया और मुर्गा बराबर दाना खाता हुआ उसके पीछे चलता रहा । आखिरकार वो मुर्गा हिटलर के पैरों में आ खड़ा हुआ । | हिटलर ने स्पीकर की तरफ देखा और बोला , लोकतांत्रिक देशों की जनता इस मुर्गे की तरह होती है , उन के नेता , जनता का पहले , सब कुछ लूट कर , उन्हें अपाहिज कर देते हैं , और बाद में उन्हें थोड़ी सी खुराक देकर उनका मसीहा बन जाते हैं - ShareChat
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8 महीने पहले
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