*प्रातः वंदन* 🙏🏽 *आपको जीवन से...* *जो कुछ भी मिलें उसे पचाना सीखे* *क्योंकि...* *भोजन न पचने पर रोग बढते है,* *पैसा न पचने पर दिखावा बढता है,* *बात न पचने पर चुगली बढती है,* *प्रशंसा न पचने पर अंहकार बढता है,* *निंदा न पचने पर दुश्मनी बढती है,* *राज न पचने पर खतरा बढता है,* *दुःख न पचने पर निराशा बढती है* *और सुख न पचने पर पाप बढता है,* *प्रकृति परमात्मा रूप हैं* *यदि हर मनुष्य अपने को...* *प्रकृति के अनुरूप ढाल ले* *तो कभी दुखी नही हो सकता हैं।* *चर्चा और निन्दा केवल सफल व्यक्तियों के भाग्य में होती है* 🌷 *सुप्रभात* 🌷
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29 दिन पहले
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