#📖 कविता
📖 कविता - * अगर रख सको तो एक निशानी हूँ मैं * खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं , रोक पाए न जिसको ये सारी दुनिया , वो एक बूँद आँख का पानी हूँ मैं . . . . . सबको प्यार देने की आदत है हमें , अपनी अलग पहचान बनाने की आदत है हमे , कितना भी गहरा जख्म दे कोई , उतना ही ज्यादा मुस्कराने की आदत है हमें . . . इस अजनबी दुनिया में अकेला ख्वाब हूँ मैं , सवालो से खफा छोटा सा जवाब हूँ मैं , जो समझ न सके मुझे , उनके लिए कौन जो समझ गए उनके लिए खुली किताब हूँ मैं , आँख से देखोगे तो खुश पाओगे , दिल से पूछोगे तो दर्द का सैलाब हूँ मैं , , अगर रख सको तो निशानी , खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं - ShareChat
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1 महीने पहले
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