#✍ स्वरचित साहित्य
✍ स्वरचित साहित्य - मित्र उन्हें मत रखिए जो पंछी की तरह दाना - पानी चुगे और उड़ जायें । मित्र उन्हें रखिए जो पानी और मछली की तरह हमेशा एक - दूसरे के सुख - दुःख में साथ - साथ रहें । - ShareChat
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2 महीने पहले
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