मोदी जी की सरकार आलोचना-प्रूफ़ भले हो लेकिन जनता भूख-प्रूफ़ नहीं है। बेरोज़गारी के कारण जब घर में चूल्हा नहीं जलता है तो पेट की आग इंसान को कितना तड़पाती है इसका एहसास सिर्फ़ धन्नासेठों के लिए काम करने वाले मोदी जी को कभी नहीं हो सकता। सरकार आँकड़ों के मामले में चाहे जितनी हाथ की सफ़ाई दिखा दे, सच तो सामने आ ही जाता है। पिछले साल एक करोड़ 10 लाख भारतीयों की नौकरी चली गई। इन आँकड़ों में भाारतीय अर्थव्यवस्था पर नोटबंदी का भयानक असर साफ़ दिख रहा है। सरकार ने  2016 से बेरोज़गारी के सरकारी आँकड़ों पर रोक लगा रखी है, लेकिन सीएमआईई की रिपोर्ट ने सरकार को आईना दिखा दिया है।
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2 months ago
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