📖 कविता - Nice line 112 B02 B 0 - 0 A घर बनाने में वक्त लगता है , पर मिटाने में पल नहीं लगता . दोस्ती बड़ी मुश्किल से बनती है , पर दुश्मनी में वक्त नहीं लगता . गुज़र जाती है उम्र रिश्तें बनाने में , पर बिघड़ने में वक्त नहीं लगता . जो कमाता है महिनों में आदमी , उसे गंवाने में वक्त नहीं लगता . चिराग वक्त पल - पल कर उम्र पाती है जिंदगी , पर मिट जाने में वक्त नहीं लगता . जो उड़ते है अहम के आसमांनो में , जमीं पर आने में वक्त नहीं लगता . हर तरह का वक्त आता है जिंदगी में , वक्त के गुज़रने में वक्त नहीं लगता . . . Edit by CHIRAG - ShareChat
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27 दिन पहले
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