🙏 सतनाम वाहेगुरु - श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपने साथ बाज | ही क्यों रखा कोई और पंछी क्यों नही ? इस का एक इतना ऊपर उड़ने के बाद भी उसकी मात्र कारण ये नजर हमेशा जमीन पर ही होती है । था गुरु गोबिंद चौथा गुण - बाजु सारी जिंदगी सिंह जी जो भी कभी अपने पास आलस नही आने करते थे उसके देता । पांचवां गुण - बाज़ कभी पीछे सिक्ख अपना घर या घोंसला नहीं बनाता | कौम के लिये 18वीं सदी में सिक्ख भी ऐसा ही कोई संदेश जरूर होता था । इसके करते थे । छठवां गुण - बाज़ दूसरे पीछे भी था : पहला गुण - बाज को पंछियों के समान हवा के साथ नही कभी गुलाम नहीं रख सकते या तो उड़ता बल्कि हवा के विपरीत साइड वो पिंजरा तोड़ देगा या मर जायगा में उड़ता है । श्री लेकिन गुलाम नही रहेगा । दूसरी गुरु गोबिंद साहब गुण - बाज़ कभी किसी का किया की सोच को शत हुआ शिकार नहीं खाता । तीसरा गुण शत नमन ? - बाज़ बहुत ऊपर उड़ता है लेकिन बलदेव सिंह बेदी - ShareChat
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1 साल पहले
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