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#वृन्दावन धाम 🙏 #🌸 जय श्री कृष्ण😇 #🔱हर हर महादेव #🙏 जय हनुमान #🌺 श्री गणेश
वृन्दावन धाम 🙏 - जो अकड़ता है, वक्त उसे रगड़ता है। जिससे बने उससे बनाकर रखो, ना बने उससे भले ना बने पर अकड़, अहंकार, शोबाज़ी क्यों। जिस प्रकार एक वृक्ष की सुंदरता , फूल और पत्तों पर निर्भर करती है, ठीक उसी प्रकार मानव की सुन्दरता , उसके विचार व व्यवहार पर निर्भर करती शुद्ध है, तो जीवन  है। यदि मन का झरना के तालाब में कभी कीचड़ जमा नहीं होगा | मन को शुद्ध रखने के आसान उपाय सेवा , सिमरन, सत्संग | राधे राधे जो अकड़ता है, वक्त उसे रगड़ता है। जिससे बने उससे बनाकर रखो, ना बने उससे भले ना बने पर अकड़, अहंकार, शोबाज़ी क्यों। जिस प्रकार एक वृक्ष की सुंदरता , फूल और पत्तों पर निर्भर करती है, ठीक उसी प्रकार मानव की सुन्दरता , उसके विचार व व्यवहार पर निर्भर करती शुद्ध है, तो जीवन  है। यदि मन का झरना के तालाब में कभी कीचड़ जमा नहीं होगा | मन को शुद्ध रखने के आसान उपाय सेवा , सिमरन, सत्संग | राधे राधे - ShareChat