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#जय भीम नीला सलाम 🇮🇳 #🙏 नमो बुद्धाय 🙏 #🙏बुद्धा कोट्स 📝 #Namo buddhay 🙏🙏🙏🙏🙏
जय भीम नीला सलाम 🇮🇳 - जय भीम जय संविधान बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर आज के दिन 3rd April 1955 आज के दिन 3 अप्रैल १९५५ को मुंबई के बुद्ध भवन, सिद्धार्थ कॉलेज में (अबः-म्यांमार) के सुप्रीम ब्रह्मदेश कोर्ट के न्यायाधीश यू चॅन ट्यून "U Chan Htoon" Judge of the Supreme Court of Burma) & सम्मान में एक सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर जी ने कहा था कि : जनतंत्र के दो प्रमुख शत्रु हैं - एक है तानाशाही और दूसरी है इंसानों के बीच भेद करने वाली संस्कृति। Ambedkarites Daily ब्रह्मा के मुंह से ब्राह्मण, &4, 4=4?4 बाहुओं और पैर से शूद्र के जन्म पर आधारित हिंदू धर्म की रचना इंसानियत को अपमानित करने वाली, बुद्धि का भेद करने वाली और ईश्वर से द्रोह करने वाली है। इस प्रकार की धर्मरचना में इंसानों के बीच कभी भी समता नहीं आ सकती। व्यक्ति का विकास कभी पूरा नहीं हो इसीलिए, पूरी तरह सोचने विचारने के बाद मुझे सकता। लगता है निम्न वर्ग को ऐसी सोच के खिलाफ विद्रोह चाहिए। करना जय भीम जय संविधान बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर आज के दिन 3rd April 1955 आज के दिन 3 अप्रैल १९५५ को मुंबई के बुद्ध भवन, सिद्धार्थ कॉलेज में (अबः-म्यांमार) के सुप्रीम ब्रह्मदेश कोर्ट के न्यायाधीश यू चॅन ट्यून "U Chan Htoon" Judge of the Supreme Court of Burma) & सम्मान में एक सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर डॉ बाबासाहेब अम्बेडकर जी ने कहा था कि : जनतंत्र के दो प्रमुख शत्रु हैं - एक है तानाशाही और दूसरी है इंसानों के बीच भेद करने वाली संस्कृति। Ambedkarites Daily ब्रह्मा के मुंह से ब्राह्मण, &4, 4=4?4 बाहुओं और पैर से शूद्र के जन्म पर आधारित हिंदू धर्म की रचना इंसानियत को अपमानित करने वाली, बुद्धि का भेद करने वाली और ईश्वर से द्रोह करने वाली है। इस प्रकार की धर्मरचना में इंसानों के बीच कभी भी समता नहीं आ सकती। व्यक्ति का विकास कभी पूरा नहीं हो इसीलिए, पूरी तरह सोचने विचारने के बाद मुझे सकता। लगता है निम्न वर्ग को ऐसी सोच के खिलाफ विद्रोह चाहिए। करना - ShareChat