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#प्रकृति का उपहार
प्रकृति का उपहार - वो जो अंदर बैठा है, उससे अपना तुम्हारे परिचय करो. अगर तुम उस अंदर वाले को जान गये तो इस जीवन में कभी भी अकेले रहने 344} की जरूरत नहीं पड़ेगी॰ मित्र होगा जो तुम्हे साथ हमेषा एक तुम्हारे भले ही छूट कभी नही छोडेगा यह शरीर जाये पर वह मित्रता कभी नही टूटेगी॰ अंदर मित्र बैठा है, उसको जान लेना वह जो ही परम मोक्ष है -प्रेम रावत वो जो अंदर बैठा है, उससे अपना तुम्हारे परिचय करो. अगर तुम उस अंदर वाले को जान गये तो इस जीवन में कभी भी अकेले रहने 344} की जरूरत नहीं पड़ेगी॰ मित्र होगा जो तुम्हे साथ हमेषा एक तुम्हारे भले ही छूट कभी नही छोडेगा यह शरीर जाये पर वह मित्रता कभी नही टूटेगी॰ अंदर मित्र बैठा है, उसको जान लेना वह जो ही परम मोक्ष है -प्रेम रावत - ShareChat