Parmod Jain
बाप-बेटा
बेटा अपने बूढ़े बाप को अनाथ आश्रम छोड़ कर वापस आ रहा था, तो उसकी बीवी ने फोन किया और कहा, 'अपने बाप को यह भी कह दो की त्योहार पर भी घर आने की आवश्यकता नही है, अब वहीं रहे और हमे शांति से जीने दे। बेटा वापस मुड़ा और अनाथ आश्रम गया, देखा कि उसका बाप आश्रम के मैनेजर के साथ गप्पो मे ब्यस्त है, और वह यू बैठे है जैसे बरसों से एक-दूसरे को जानते हो।
बेटे ने पूछा 'सर, 'आप मेरे पिता जी को कब से जानते है?,
उसने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, 'जब ये अनाथालय से एक बच्चे को गोद लेने आये थे!' #baap beta