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#ayushman bhart yojana #आयुष्मान हेल्थ कार्ड
ayushman bhart yojana #आयुष्मान हेल्थ कार्ड - आयुष्मान के ६०० करोड़ बकाया , निजी अस्पतालों ने चेताया- १० में भुगतान नहीं किया तो इलाज बंद आठ साल पुराना पैकेज हरिभूमि न्यूज MI रायपुर संशोधन अब तक नहीं प्रधानमंत्री जन आरोग्य एवं शहीद वीरनारायण सिंह प्रदेश में विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए सहायता योजना में निजी आयुष्मान स्वास्थ्य निजी हारिपटल्स को वर्ष २०१८ में निधारित दर अस्पतालों का पांच महीने का लगभग ६०० करोड़ के हिसाब रे भुगतान किया जा रहा हे। इसमें  का भुगतान अटक गया है। निजी अस्पतालों के संशोधन की बातें कई बार कीजा चुकी हे॰ मगर डॉक्टर इस मामले को लेकर लामबंद हो गए हैं और हुईं, जिसमें इन तीन बड़ी समस्याओं को लेकर  अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। अस्पताल  १० दिन में भुगतान नहीं होने पर इलाज बंद करने  चर्चा गरम रही। निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने संचालन के लिए आवश्यक सभी चिकित्सकीय जैसा कदम उठाने की बात कह रहे हैं। छोटे उपकरणों दवाईयों एव अन्य सामग्री की कीमतों बताया कि आयुष्मान योजना के भुगतान प्रक्रिया तथा नर्सिंग एवं पैरामेडिकल जैसे मानव अब तक सरलीकरण नहीं हुआ है। इस बार अस्पतालों से बायोमेडिकल वेस्ट के नाम पर কা रंसाधनों के वेतन आदि में भी भारी   बढोतरी हुई वसूले जाने वाले बड़े यूजर चार्ज पर भी नाराजगी पिछले पांच महीने से अस्पतालों को भुगतान नहीं है। पदाधिकारियों के मुताबिक महगाई और जाहिर की गई है। निजी अस्पताल के संचालन में किया गया है और लंबित राशि ६०० करोड़ तक वेतन राहित अन्य खर्चौं  में हुई वृद्धि के राज्य में आने वाली कठिनाईयों पर इंडियन पहुंच गई है। राशि नहीं मिलने की वजह से छोटे मद्देनजर आयुष्मान योजना की वर्तमान  ari पर मेडिकल   एसोसिएशन और  एएचपीआई की और मंझोले अस्पतालों के संचालन में काफी उपचार संभव   नहीं हो पा रहा हे अतएव योजना  TAar To के दरों गें पनर्निधारण की आवश्यकता ह। যা মলযা ऋठिना ஏT आयुष्मान के ६०० करोड़ बकाया , निजी अस्पतालों ने चेताया- १० में भुगतान नहीं किया तो इलाज बंद आठ साल पुराना पैकेज हरिभूमि न्यूज MI रायपुर संशोधन अब तक नहीं प्रधानमंत्री जन आरोग्य एवं शहीद वीरनारायण सिंह प्रदेश में विभिन्न बीमारियों के इलाज के लिए सहायता योजना में निजी आयुष्मान स्वास्थ्य निजी हारिपटल्स को वर्ष २०१८ में निधारित दर अस्पतालों का पांच महीने का लगभग ६०० करोड़ के हिसाब रे भुगतान किया जा रहा हे। इसमें  का भुगतान अटक गया है। निजी अस्पतालों के संशोधन की बातें कई बार कीजा चुकी हे॰ मगर डॉक्टर इस मामले को लेकर लामबंद हो गए हैं और हुईं, जिसमें इन तीन बड़ी समस्याओं को लेकर  अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। अस्पताल  १० दिन में भुगतान नहीं होने पर इलाज बंद करने  चर्चा गरम रही। निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने संचालन के लिए आवश्यक सभी चिकित्सकीय जैसा कदम उठाने की बात कह रहे हैं। छोटे उपकरणों दवाईयों एव अन्य सामग्री की कीमतों बताया कि आयुष्मान योजना के भुगतान प्रक्रिया तथा नर्सिंग एवं पैरामेडिकल जैसे मानव अब तक सरलीकरण नहीं हुआ है। इस बार अस्पतालों से बायोमेडिकल वेस्ट के नाम पर কা रंसाधनों के वेतन आदि में भी भारी   बढोतरी हुई वसूले जाने वाले बड़े यूजर चार्ज पर भी नाराजगी पिछले पांच महीने से अस्पतालों को भुगतान नहीं है। पदाधिकारियों के मुताबिक महगाई और जाहिर की गई है। निजी अस्पताल के संचालन में किया गया है और लंबित राशि ६०० करोड़ तक वेतन राहित अन्य खर्चौं  में हुई वृद्धि के राज्य में आने वाली कठिनाईयों पर इंडियन पहुंच गई है। राशि नहीं मिलने की वजह से छोटे मद्देनजर आयुष्मान योजना की वर्तमान  ari पर मेडिकल   एसोसिएशन और  एएचपीआई की और मंझोले अस्पतालों के संचालन में काफी उपचार संभव   नहीं हो पा रहा हे अतएव योजना  TAar To के दरों गें पनर्निधारण की आवश्यकता ह। যা মলযা ऋठिना ஏT - ShareChat