या देवी सर्वभूतेषु माँ महागौरी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।
नवदुर्गा का अष्टम स्वरूप माँ महागौरी है, माता ने भगवान शंकर को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तप किया, इस कारण मां का वर्ण काला पड़ गया था, जिसे भगवान शिव ने गंगाजल से धोकर गौर (श्वेत) कर दिया था, श्वेतांबरधरा शांति, तपस्या और सौम्य ऊर्जा का प्रतीक है, देवी भक्तों को सुख-समृद्धि व पापों से मुक्ति का आशीर्वाद देती है, चैत्र नवरात्रि में वैदिक गौवंश की सेवा कर व्रत करें।
#गौमहिमा


