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#om namah parvati pati, har har Mahadev #shiv
om namah parvati pati, har har Mahadev - तीन गुणः सात्विक, राजसिक और तामसिक নামমিক सात्विक राजसिक राजसिक भोजन सात्विक भोजन तामसिक भोजन अत्चविक कड़वा, खड़ा , गर्मः दुःख शोक और रोग देने वाला।  अधपका , स्वादहीन, आयु, बल ओर सुख बढ़ाने वाला; दुर्गधयुक्त, बासी और  रसयुक्त, चिकना और मन  को प्रिय लगने वाला। अपविव। राजसिक कर्म फल की हच्छा से॰ बदले में कुछ पाने की भावना से या दिखावे के लिए কিমা যমা सात्विक कर्म तामसिक कर्म নিনা বিখি-বিধ্রান;  कर्तव्य समझकर बिना श्रद्धा या मंत्र के फल की इच्छा के बिना और ಗ' किया गया। সনাননা ম কিম্রা মমাা   श्रद्धा से श्रद्धा का सार पुरुष श्रद्धामय है। जिसकी जैसी श्रद्धा होती है, वह स्वयं भी वैसा ही होता है। NotebookLM तीन गुणः सात्विक, राजसिक और तामसिक নামমিক सात्विक राजसिक राजसिक भोजन सात्विक भोजन तामसिक भोजन अत्चविक कड़वा, खड़ा , गर्मः दुःख शोक और रोग देने वाला।  अधपका , स्वादहीन, आयु, बल ओर सुख बढ़ाने वाला; दुर्गधयुक्त, बासी और  रसयुक्त, चिकना और मन  को प्रिय लगने वाला। अपविव। राजसिक कर्म फल की हच्छा से॰ बदले में कुछ पाने की भावना से या दिखावे के लिए কিমা যমা सात्विक कर्म तामसिक कर्म নিনা বিখি-বিধ্রান;  कर्तव्य समझकर बिना श्रद्धा या मंत्र के फल की इच्छा के बिना और ಗ' किया गया। সনাননা ম কিম্রা মমাা   श्रद्धा से श्रद्धा का सार पुरुष श्रद्धामय है। जिसकी जैसी श्रद्धा होती है, वह स्वयं भी वैसा ही होता है। NotebookLM - ShareChat