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#जगत गुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज #🙏🏻आध्यात्मिकता😇 #💓 मोहब्बत दिल से #🙏गुरु महिमा😇
जगत गुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज - कबीरसागर (सम्पूर्ण ११ भाग ) कहे   कबीर सुन गोरख বম   মসাT Il ٦6 अविधू अविगतसे चलि आये कोई भेद मरम नहिं पाया नामेरो जन्म न गर्भबसेरा बालक ह्वै देखलाया ।l काशीनग्र जङ्गल बिचडेरा . तहों जोलाहे पाया माता पिता मोरे कछु नाहीं न मेरो   गृहदासी जुलाहाको मुत आनिकहाया जगत करत है हांसी कछु नाहूीं सूझै अगम अपारा धड नहि मेर गगन स्वरूपी नाम साहेबको सोहै नाम हमारा  सत्य अधरद्वीप नहि गगन गुफामें तहूनिजु वस्तु हमारा।I  ज्योतिषरूपी अलख निरञ्जन सो जपै नाम इमारा। हयड चाम लोहू नहि मोरे हौं सतूनाम उपासी कहै कबीर अविनाशी  पददाता तरन अभ तारन कबीरसागर (सम्पूर्ण ११ भाग ) कहे   कबीर सुन गोरख বম   মসাT Il ٦6 अविधू अविगतसे चलि आये कोई भेद मरम नहिं पाया नामेरो जन्म न गर्भबसेरा बालक ह्वै देखलाया ।l काशीनग्र जङ्गल बिचडेरा . तहों जोलाहे पाया माता पिता मोरे कछु नाहीं न मेरो   गृहदासी जुलाहाको मुत आनिकहाया जगत करत है हांसी कछु नाहूीं सूझै अगम अपारा धड नहि मेर गगन स्वरूपी नाम साहेबको सोहै नाम हमारा  सत्य अधरद्वीप नहि गगन गुफामें तहूनिजु वस्तु हमारा।I  ज्योतिषरूपी अलख निरञ्जन सो जपै नाम इमारा। हयड चाम लोहू नहि मोरे हौं सतूनाम उपासी कहै कबीर अविनाशी  पददाता तरन अभ तारन - ShareChat