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#🥰प्रेम कविता📝 #📝कविता / शायरी/ चारोळी #💞इश्क-मोहब्बत शायरी🤩 #🖋शेरो-शायरी
🥰प्रेम कविता📝 - रोज़ जलते है इसमें मगर खाक नहीं होते. बुझ कर भी अजीब है ये इश्क़ राख नही होते....!! रोज़ जलते है इसमें मगर खाक नहीं होते. बुझ कर भी अजीब है ये इश्क़ राख नही होते....!! - ShareChat