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#अहीर चंदन यादव ग्रुप
अहीर चंदन यादव ग्रुप - लिए नौकरी के பரி डिग्री   चाहिए पर লিব २०-३० हज़ार की तनख्वाह के उम्र   गिरवी रखनी पड़ती है। डॉक्टर बनने को सालों की पढ़ाई, वकील बनने को कानून की समझ ज़रूरी, देश चलाने को किताबों की शर्त तक तय पर नहीं। अगर ऑपरेशन अनपढ़ से नहीं करवा सकते, तो राष्ट्र की सर्जरी बिना योग्यता के कैसे सौंप देते  हो? नोटबंदी एक रात में हो सकती है॰ बेटियों की सुरक्षा अमल  क्यों पर पर ম नहीं? कानून किताबों में तेज है॰ ज़मीन पर सुस्त क्यों? देश को भावनाओं से नहीं, समझ और जिम्मेदारी से चलाना பஎ 31 इज़्ज़त नहीं देती, काबिलियत देती है - कुर्सी भीड़तंत्र बनते देर नहीं लगती। वरना लोकतंत्र लिए नौकरी के பரி डिग्री   चाहिए पर লিব २०-३० हज़ार की तनख्वाह के उम्र   गिरवी रखनी पड़ती है। डॉक्टर बनने को सालों की पढ़ाई, वकील बनने को कानून की समझ ज़रूरी, देश चलाने को किताबों की शर्त तक तय पर नहीं। अगर ऑपरेशन अनपढ़ से नहीं करवा सकते, तो राष्ट्र की सर्जरी बिना योग्यता के कैसे सौंप देते  हो? नोटबंदी एक रात में हो सकती है॰ बेटियों की सुरक्षा अमल  क्यों पर पर ম नहीं? कानून किताबों में तेज है॰ ज़मीन पर सुस्त क्यों? देश को भावनाओं से नहीं, समझ और जिम्मेदारी से चलाना பஎ 31 इज़्ज़त नहीं देती, काबिलियत देती है - कुर्सी भीड़तंत्र बनते देर नहीं लगती। वरना लोकतंत्र - ShareChat