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#❤️अस्सलामु अलैकुम #🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें
❤️अस्सलामु अलैकुम - @ವಟ್ಿಸಶಿಣಣಲಜ್ು 4[41 रमजान के तीसरे अशरे की अहमियत (आख़िरी १० दिन)  आख़िरी अशरा (तीसरा अशरा) बहुत ही "रमजान का मुबारक और रहमतों से भरा होता है। इस अशरे को जहन्नम से आज़ादी का अशरा कहा जाता है। इस अशरे में हमें क्या करना चाहिएः पाँच वक्त की नमाज़ के साथ ज्यादा से ज्यादा नफ़्ल नमाज़ पढ़़ें| कुरआन शरीफ की तिलावत करें।  ज़िक़्न और इस्तग़फ़ार (अल्लाह से माफी माँगना ) करते रहें। गरीबों और जरूरतमंदों को सदका और ज़कात दें।  अगर मुमकिन हो तो एतिकाफ करें।  # इन आख़िरी १० दिनों में शब-ए क़द्र की रात भी आती है, जो हज़ार महीनों से बेहतर बताई गई है। इस रात की खास दुआः மடீட்ட்ஃட்ஃ 3~யா *(ऐ अल्लाह! तू माफ़ करने वाला है और माफ़ करना पसंद करता है, इसलिए मुझे माफ़ कर दे।)" अल्लाह हम सबको रमजान के इस मुवारक अशरे की बरकतें हासिल करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। शिराज महेताण @ವಟ್ಿಸಶಿಣಣಲಜ್ು 4[41 रमजान के तीसरे अशरे की अहमियत (आख़िरी १० दिन)  आख़िरी अशरा (तीसरा अशरा) बहुत ही "रमजान का मुबारक और रहमतों से भरा होता है। इस अशरे को जहन्नम से आज़ादी का अशरा कहा जाता है। इस अशरे में हमें क्या करना चाहिएः पाँच वक्त की नमाज़ के साथ ज्यादा से ज्यादा नफ़्ल नमाज़ पढ़़ें| कुरआन शरीफ की तिलावत करें।  ज़िक़्न और इस्तग़फ़ार (अल्लाह से माफी माँगना ) करते रहें। गरीबों और जरूरतमंदों को सदका और ज़कात दें।  अगर मुमकिन हो तो एतिकाफ करें।  # इन आख़िरी १० दिनों में शब-ए क़द्र की रात भी आती है, जो हज़ार महीनों से बेहतर बताई गई है। इस रात की खास दुआः மடீட்ட்ஃட்ஃ 3~யா *(ऐ अल्लाह! तू माफ़ करने वाला है और माफ़ करना पसंद करता है, इसलिए मुझे माफ़ कर दे।)" अल्लाह हम सबको रमजान के इस मुवारक अशरे की बरकतें हासिल करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। शिराज महेताण - ShareChat