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#दिल के अल्फाज़ ❣️ #💔मरीज-ए-इश्क❤ #शायरी किंग #💔 हार्ट ब्रेक स्टेटस #💔पुराना प्यार 💔
दिल के अल्फाज़ ❣️ - मन बहुत सोचता है मन बहुत सोचता है कि उदास नहो पर उदासी के बिना रहा कैसे जाए? शहर के दूर के तनाव दबाव कोई सह भी ले पर यह अपने ही रचे एकांत का दबाब सहा कैसे जाए। नील आकाश, तैरते से मेघ के टुकड़ड़े, घासों में दौड़ती मेघ छायाएँ खुली पहाड़ी नदीः पारदर्श पानी, धूप-्धुले तल के रंगारग पत्थर सब देख बहुत गहरे कहीं जो उठे, कहूँ भी तो सुनने को कोई पास न हो॰ वह इसी परजो जी में उठे वह कहा कैसे जाए! मन बहुत सोचता है कि उदास न हो पर उदासी के बिना रहा कैसे जाए? च्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय मन बहुत सोचता है मन बहुत सोचता है कि उदास नहो पर उदासी के बिना रहा कैसे जाए? शहर के दूर के तनाव दबाव कोई सह भी ले पर यह अपने ही रचे एकांत का दबाब सहा कैसे जाए। नील आकाश, तैरते से मेघ के टुकड़ड़े, घासों में दौड़ती मेघ छायाएँ खुली पहाड़ी नदीः पारदर्श पानी, धूप-्धुले तल के रंगारग पत्थर सब देख बहुत गहरे कहीं जो उठे, कहूँ भी तो सुनने को कोई पास न हो॰ वह इसी परजो जी में उठे वह कहा कैसे जाए! मन बहुत सोचता है कि उदास न हो पर उदासी के बिना रहा कैसे जाए? च्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन अज्ञेय - ShareChat