ShareChat
click to see wallet page
search
#om shanti brahmakumari
om shanti   brahmakumari - पवित्रता के आधार पर सुख- शान्ति का अनुभव वरदानः करने वाले नम्बरवन अधिकारी भव जो बच्चे " पवित्रता ' की प्रतिज्ञा को सदा स्मृति में रखते हैं, उन्हें सुख-शान्ति की अनुभूति स्वतः होती है। पवित्रता का अधिकार लेने में नम्बरवन रहना अर्थात् सर्व प्राप्तियों में नम्बरवन बनना इसलिए पवित्रता के फाउण्डेशन को कभी कमजोर नहीं करना तब ही लास्ट सो फास्ट जायेंगे , इसी धर्म में सदा स्थित रहना- कुछ भी हो जाए चाहे व्यक्ति , चाहे प्रकृति, चाहे परिस्थिति कितना भी हिलाये, लेकिन धरत परिये धर्म न छोड़िये। स्लोगनः व्यर्थ से इनोसेन्ट बनो तो सच्चे सच्चे सेन्ट बन जायेंगे शुभ विचार :- अपने श्रेष्ठ कर्म से औरों की दुआयें लेना ही सच्चे सुख और शान्ति का आधार है। ये अव्यक्त इशारे एकता और विश्वास को विशेषता द्वारा सफलता सम्पन्न बनो बापदादा चाहते हैं कि हर बच्चा एकरस श्रेष्ठ स्थिति के अशरीरी , आसनधारी , एकान्तवासी , स्थापक एकता एकनामी , इकोनॉमी का अवतार बने। एक दो के विचारों सम्मान दे, एक दो को इशारा दे, लेन-्देन कर को समझ आपस में संगठन की शक्ति का स्वरूप प्रत्यक्ष करो क्योंकि आपके संगठन के एकता की शक्ति सारे ब्राह्मण परिवार को संगठन में लाने के निमित्त बनेगी | पवित्रता के आधार पर सुख- शान्ति का अनुभव वरदानः करने वाले नम्बरवन अधिकारी भव जो बच्चे " पवित्रता ' की प्रतिज्ञा को सदा स्मृति में रखते हैं, उन्हें सुख-शान्ति की अनुभूति स्वतः होती है। पवित्रता का अधिकार लेने में नम्बरवन रहना अर्थात् सर्व प्राप्तियों में नम्बरवन बनना इसलिए पवित्रता के फाउण्डेशन को कभी कमजोर नहीं करना तब ही लास्ट सो फास्ट जायेंगे , इसी धर्म में सदा स्थित रहना- कुछ भी हो जाए चाहे व्यक्ति , चाहे प्रकृति, चाहे परिस्थिति कितना भी हिलाये, लेकिन धरत परिये धर्म न छोड़िये। स्लोगनः व्यर्थ से इनोसेन्ट बनो तो सच्चे सच्चे सेन्ट बन जायेंगे शुभ विचार :- अपने श्रेष्ठ कर्म से औरों की दुआयें लेना ही सच्चे सुख और शान्ति का आधार है। ये अव्यक्त इशारे एकता और विश्वास को विशेषता द्वारा सफलता सम्पन्न बनो बापदादा चाहते हैं कि हर बच्चा एकरस श्रेष्ठ स्थिति के अशरीरी , आसनधारी , एकान्तवासी , स्थापक एकता एकनामी , इकोनॉमी का अवतार बने। एक दो के विचारों सम्मान दे, एक दो को इशारा दे, लेन-्देन कर को समझ आपस में संगठन की शक्ति का स्वरूप प्रत्यक्ष करो क्योंकि आपके संगठन के एकता की शक्ति सारे ब्राह्मण परिवार को संगठन में लाने के निमित्त बनेगी | - ShareChat