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ज़माना हो गया ख़ुद से मुझे लड़ते-झगड़ते मैं अपने आप से अब सुल्ह करना चाहता हूँ – इफ़्तिख़ार आरिफ़ #📓 हिंदी साहित्य #✍️ साहित्य एवं शायरी #📖 कविता और कोट्स✒️
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