#✒️दर्द भरल शायरी स्टेटस कभी ऐसा भी वक्त आया…
जब प्यास भी थी और पानी भी,
पर हमने खुद को रोक लिया…
क्योंकि इंसानियत, जरूरत से बड़ी थी।
लेकिन अफसोस…
गरीबी ने मुझे गलत समझा,
और मैं गलत बनकर रह गया।
— Anil Singhकभी ऐसा भी वक्त आया…
जब प्यास भी थी और पानी भी,
पर हमने खुद को रोक लिया…
क्योंकि इंसानियत, जरूरत से बड़ी थी।
लेकिन अफसोस…
गरीबी ने मुझे गलत समझा,
और मैं गलत बनकर रह गया।
— Anil Singh


