ShareChat
click to see wallet page
search
#🖋शेरो-शायरी #✍गुलजारांचे साहित्य
🖋शेरो-शायरी - उम्मीद ना कर इस दुनियां में किसी हमदर्दी की ग़ालिब. पलकों पर बिठाया जाता है नजरों से गिराने के लिए..!! उम्मीद ना कर इस दुनियां में किसी हमदर्दी की ग़ालिब. पलकों पर बिठाया जाता है नजरों से गिराने के लिए..!! - ShareChat