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#✍गुलजारांचे साहित्य
✍गुलजारांचे साहित्य - क़यामत तक याद रखोगे किसी ने दिल लगाया था मिलने की उम्मीद भी ना थी फ़िर भी पागलों की तरह चाहा था Guzar Ke Woras @ COOL क़यामत तक याद रखोगे किसी ने दिल लगाया था मिलने की उम्मीद भी ना थी फ़िर भी पागलों की तरह चाहा था Guzar Ke Woras @ COOL - ShareChat