ShareChat
click to see wallet page
search
#सनातन संस्कार (वसुधैव-कुटुंबकम)
सनातन संस्कार (वसुधैव-कुटुंबकम) - यदि स्चयं के मान-्अपमान का तथा मृत्यूभय का भाव शेष है तो आप साधु-संत कैसे ? यदि शास्त्रों पर, व उनमे वर्णित सिद्धान्त पर, एवं धर्म की कर्मफल के स्थापना हेतु सर्वव्यापी परब्रह्म के ईश्वरीय अवतारों के च्याख्यानों पर आपकी पूर्ण श्रद्धा है तो सबकुछ ईश्वर पर छोड़कर सिर्फ अपना कर्म कीजिए ! यदि स्चयं के मान-्अपमान का तथा मृत्यूभय का भाव शेष है तो आप साधु-संत कैसे ? यदि शास्त्रों पर, व उनमे वर्णित सिद्धान्त पर, एवं धर्म की कर्मफल के स्थापना हेतु सर्वव्यापी परब्रह्म के ईश्वरीय अवतारों के च्याख्यानों पर आपकी पूर्ण श्रद्धा है तो सबकुछ ईश्वर पर छोड़कर सिर्फ अपना कर्म कीजिए ! - ShareChat