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"अक्सर मनुष्य को भ्रम होता है; कि उसे कोई नहीं तोड़ सकता, लेकिन जो खुद कठोर होते हैं,वो टूट सकते हैं तो मनुष्य क्या चीज़ है।" 💔 → टूटन / दर्द 🪨 → पत्थर (मजबूती का भ्रम) 🧊 → काँच / नाज़ुकपन 🔇 → दबाई हुई आवाज़ / ख़ामोशी #🥰Express Emotion #Shraddha ke dil ki baat ☺️✨️
🥰Express Emotion - टूटता तो पत्थर भी है, फिर काँच क्या चीज़ है. बस फ़र्क़ इतना ही है- टूटते हैं तो बड़ी तेज काच आवाज़ आती है, और पत्थर के टूटने पर आवाज़ दबा दी जाती है। टूटता तो पत्थर भी है, फिर काँच क्या चीज़ है. बस फ़र्क़ इतना ही है- टूटते हैं तो बड़ी तेज काच आवाज़ आती है, और पत्थर के टूटने पर आवाज़ दबा दी जाती है। - ShareChat