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#☝अनमोल ज्ञान
☝अनमोल ज्ञान - यद् ध्यायतो विष्णुं त्रेतायां यजतो मखैः| कृते द्वापरे परिचर्यायां कलौ तद् हरिकीर्तनात्।। নিষ্য] त्रेतायुग में यज्ञ सत्ययुग में भगवान का ध्यान करने से, करने से, द्वापर में पूजा अर्चना से जो फल मिलता था, वही कलियुग में केवल भगवान के नाम-कीर्तन से प्राप्त हो কল जाता है इसलिये आज से प्रतिदिन कुछ समय निकालकर भगवान का नाम जपें Acharya Mainiy "हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे। हरे कृष्ण हरे कृष्ण , कृष्ण कृष्ण हरे हरे।I " नाम में ही शक्ति है, नाम में ही मुक्ति है, और नाम में ही शांति 81 তয তয সী যাধ্ংযাম यद् ध्यायतो विष्णुं त्रेतायां यजतो मखैः| कृते द्वापरे परिचर्यायां कलौ तद् हरिकीर्तनात्।। নিষ্য] त्रेतायुग में यज्ञ सत्ययुग में भगवान का ध्यान करने से, करने से, द्वापर में पूजा अर्चना से जो फल मिलता था, वही कलियुग में केवल भगवान के नाम-कीर्तन से प्राप्त हो কল जाता है इसलिये आज से प्रतिदिन कुछ समय निकालकर भगवान का नाम जपें Acharya Mainiy "हरे राम हरे राम, राम राम हरे हरे। हरे कृष्ण हरे कृष्ण , कृष्ण कृष्ण हरे हरे।I " नाम में ही शक्ति है, नाम में ही मुक्ति है, और नाम में ही शांति 81 তয তয সী যাধ্ংযাম - ShareChat