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वो आँखों से कुछ भी तो कहता नहीं है, समन्दर, समन्दर है बहता नहीं है ये दरया चले आते हैं बस्तियों में, किनारों पे अब कोई, रहता नहीं है.. हमीं थे जो पढ़ते रहे तेरी आँखें, ये सन्नाटे हर कोई सहता नहीं है.. Kuch to kahiye #😜Attitude शायर