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#❤️अस्सलामु अलैकुम
❤️अस्सलामु अलैकुम - नमाज़ से हमे क्या गिलत क़यामत के दिन सबसे पहला सवाल नमाज़ का होगा। अगर नमाज़ ठीक हुई तो बाकी अमल भी आसान होँगे। नमाज़ सिर्फ एक फ़र्ज़ नहीं , बल्कि इंसान की ज़िंदगी बदल देने वाली इबादत है। इससे ह्में और आख़िरत दोर्नों में फायदे मिलते हैं। दुनिया  हमारे नबी की आँ्खों की ठंडक है नमाज़ : - पुल सिरात् के लिए आसानी है नमाज़ : ह अंधेरी क़र्ब्रों को रोशन करती  नमाज़ : जहन्नम की आग से बचाती है नमाज़ : - नमाज़ : अज़ाब ए॰क़ब्र से बचाती है नमाज़ :- से रोजी र्में बरकत होती है। नमाज़ : - से रहमत नाज़िल होती है से गुनाह माफ़ होता है নমাড়া:- जन्नत की कुंजी है নমাড়া: जिसको नमाज़ से मोहब्बत होगी वही शेयर करेग (इंशा अल्लाह) नमाज़ से हमे क्या गिलत क़यामत के दिन सबसे पहला सवाल नमाज़ का होगा। अगर नमाज़ ठीक हुई तो बाकी अमल भी आसान होँगे। नमाज़ सिर्फ एक फ़र्ज़ नहीं , बल्कि इंसान की ज़िंदगी बदल देने वाली इबादत है। इससे ह्में और आख़िरत दोर्नों में फायदे मिलते हैं। दुनिया  हमारे नबी की आँ्खों की ठंडक है नमाज़ : - पुल सिरात् के लिए आसानी है नमाज़ : ह अंधेरी क़र्ब्रों को रोशन करती  नमाज़ : जहन्नम की आग से बचाती है नमाज़ : - नमाज़ : अज़ाब ए॰क़ब्र से बचाती है नमाज़ :- से रोजी र्में बरकत होती है। नमाज़ : - से रहमत नाज़िल होती है से गुनाह माफ़ होता है নমাড়া:- जन्नत की कुंजी है নমাড়া: जिसको नमाज़ से मोहब्बत होगी वही शेयर करेग (इंशा अल्लाह) - ShareChat