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#✍गुलजारांचे साहित्य
✍गुलजारांचे साहित्य - तेरे साथ को तरसे , तेरी बात को तरसे... ये कैसी दोस्ती रही हमारी मेरे यार, तेरे होकर भी तेरी एक मुलाकात को तरसे..ल गुलज़ार हिन्दी काव्यकार / COOL तेरे साथ को तरसे , तेरी बात को तरसे... ये कैसी दोस्ती रही हमारी मेरे यार, तेरे होकर भी तेरी एक मुलाकात को तरसे..ल गुलज़ार हिन्दी काव्यकार / COOL - ShareChat