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#GodNightTuesday #Annapurna_Muhim_SantRampalJi . पतिव्रता का अंग गरीब~निहकर्मी पतिव्रत सो आन उपाय न मूल। एक पुरूष से परसि है पतिव्रता सम तूल।। गरीब~निहकर्मी सो जानिये एक पुरूष से रात। निरदावे निरबैरता ना दूजे से बात।। गरीब~स्वाल सुखन किस कुँ कहे पतिव्रता सो नार। हुकम अदूल न मेट ही सो पतिव्रता पार।। गरीब~घर आंगन इकसार है वचन उलंघन होय। आन खसम से ओलने पतिव्रता है सोय।। गरीब~आन खसम से हंसत है चंडी चोर चुडैल। जिन से क्या घर बास है घर में बसै घुडैल।। गरीब~एक पुरूष अपना सही दूजा आन अनीत। अपनें पीव से रातिये और शिला सब भीत।। गरीब~निहकर्मी घर में रहै पतिव्रता सो नार। आन पुरूष से प्रीतडी ना रखिये घर बार।। गरीब~पतिव्रता सूनी नहीं रखवाले हैं राम। कल्पवृक्ष करूणामयी चौकी आठों जाम।। गरीब~पतिव्रता पानी चली पनही नाहीं पाय। वस्त्र अंग बिनंग है आपे देत उढाय।। Visit Annapurna Muhim YouTube #sant ram pal ji maharaj #me follow
sant ram pal ji maharaj - / 0 गरीब, पतिव्रता के बरत में॰ कदे न परि है भंग क्या करे, जिनके भगति उमंग ।। Sa उनक सरलार्थः पतिव्रता स्त्री की तरह भक्त के एक परमात्मा की भक्ति के बरत यानि प्रतिज्ञा ( परहेज ) कभी भंग नहीं पडता यानि खंडित नहीं होता। जिनको परमात्मा की भक्ति की उमंग लगी है तो उन भक्तों को संसार के व्यक्ति कुछ हानि नहीं कर सकते। उनके भक्ति धर्म- कर्म को खण्डित नहीं करवा सकते। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SATLOK ASHRAM BETUL +0or0o SUPREMEGOD ORG +918222880542 / 0 गरीब, पतिव्रता के बरत में॰ कदे न परि है भंग क्या करे, जिनके भगति उमंग ।। Sa उनक सरलार्थः पतिव्रता स्त्री की तरह भक्त के एक परमात्मा की भक्ति के बरत यानि प्रतिज्ञा ( परहेज ) कभी भंग नहीं पडता यानि खंडित नहीं होता। जिनको परमात्मा की भक्ति की उमंग लगी है तो उन भक्तों को संसार के व्यक्ति कुछ हानि नहीं कर सकते। उनके भक्ति धर्म- कर्म को खण्डित नहीं करवा सकते। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज SATLOK ASHRAM BETUL +0or0o SUPREMEGOD ORG +918222880542 - ShareChat