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संत गरीबदास जी का जन्म गाँव-छुड़ानी, जिला-झज्जर, हरियाणा में सन् 1717 (विक्रमी संवत् 1774) में हुआ। संत गरीबदास जी महाराज (गाँव-छुड़ानी, जिला-झज्जर, प्रान्त-हरियाणा) को श्री नानक जी की तरह दस वर्ष की आयु में सन् 1727 (विक्रमी संवत् 1784) में नला नाम के खेत (जंगल) में जिंदा बाबा के वेश में परम अक्षर ब्रह्म मिले थे। #santrampal mahraj ji #📽️रविवार शायरी✍️ #💞Heart touching शायरी✍️ #❤ गुड मॉर्निंग शायरी👍 #🚲सेकेंड हैंड बाइक/कार्स🚗
santrampal mahraj ji - गवीबदाभ சி ক্মন के मिले क्बीव   भगवान बारहवां पंथ गरीबदास पंथ है। संत गरीबदास जी का जन्म संवत् १७७४ में हुआ था। संत गरीबदास जी ने परमेश्वर कबीर जी की महिमा यथार्थ रूप में कही है जो सदग्रन्थ साहेब में लिखी है। पारख # క के अंग $R fr :- दूध न पीवत न् अन्न भखत , न पालने मेँ झूलंत 1 दास् गरीब कबीर पुरूष , कमल कला फूलत १l Sant Rampal Ji YOUTUBE ree Book Maharaj CHANNEL 7496801825 @SaintRampal JIMahara] गवीबदाभ சி ক্মন के मिले क्बीव   भगवान बारहवां पंथ गरीबदास पंथ है। संत गरीबदास जी का जन्म संवत् १७७४ में हुआ था। संत गरीबदास जी ने परमेश्वर कबीर जी की महिमा यथार्थ रूप में कही है जो सदग्रन्थ साहेब में लिखी है। पारख # క के अंग $R fr :- दूध न पीवत न् अन्न भखत , न पालने मेँ झूलंत 1 दास् गरीब कबीर पुरूष , कमल कला फूलत १l Sant Rampal Ji YOUTUBE ree Book Maharaj CHANNEL 7496801825 @SaintRampal JIMahara] - ShareChat