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अनमोलवचन #अनमोल वचन #अनमोल वचन #अनमोल वचन ## अनमोल वचन #अनमोल वचन 4577
अनमोल वचन - स्वयं विचार करके देखो क्या सही क्या गलत अच्छा एक बात ईमानदारी से बताना कि ईश्वर को सत्य मानते हो या असत्य, एक और कैटेगरी भी है जो ईश्वर को न मानने वाली है वो भी ईमानदारी से बताना कि सच को पॉजिटिव एनर्जी मानते हो या झूठ को, ज्ञानी जन एक बात ईमानदारी से बताओ कि सच को पुण्य मानते हो या झूठ को, अब ये सब आप खुद सोचो, है, सच ही पुण्य है, अगर सच ही सच ही ईश्वर है, सच ही पॉजिटिव एनर्जी ईश्वर है या ईश्वर सत्य है, तो अपने मन में विचार कर देखो कि जो सच है वो झूठ से भ्रमित हो सकता है क्या, मंदिर में बैठा हुआ पुजारी जो झूठ बोल रहा है, मंदिर के बाहर बैठा हुआ प्रसाद बेचने वाला दुकानदार मिलावट करके प्रसाद बेच रहा है, मंदिर में जाने वाला व्यक्ति बेईमानी , मक्कारी, झूठ, छल, कपट से धन अर्जित करके लाया है और उसका कुछ हिस्सा भगवान को चढ़ाकर ईश्वर से अपने गुनाह माफ करवाने की मिन्नत कर रहा है, और मंदिर से निकलने के बाद फिर वही बेईमानी , झूठ, कपट, छल, करने लगता अंतर मन से पूछ कर देखो, की क्या सच्चा ईश्वर है, अब इस बात का जवाब आपके हर कारनामे को देख रहा है कि नहीं, क्या ईश्वर के सामने झूठ बोलकर, मक्कारी करके आप अपने पाप कर्मों से मुक्ति पा जाएंगे , स्वयं विचार करके देखो क्या सही क्या गलत अच्छा एक बात ईमानदारी से बताना कि ईश्वर को सत्य मानते हो या असत्य, एक और कैटेगरी भी है जो ईश्वर को न मानने वाली है वो भी ईमानदारी से बताना कि सच को पॉजिटिव एनर्जी मानते हो या झूठ को, ज्ञानी जन एक बात ईमानदारी से बताओ कि सच को पुण्य मानते हो या झूठ को, अब ये सब आप खुद सोचो, है, सच ही पुण्य है, अगर सच ही सच ही ईश्वर है, सच ही पॉजिटिव एनर्जी ईश्वर है या ईश्वर सत्य है, तो अपने मन में विचार कर देखो कि जो सच है वो झूठ से भ्रमित हो सकता है क्या, मंदिर में बैठा हुआ पुजारी जो झूठ बोल रहा है, मंदिर के बाहर बैठा हुआ प्रसाद बेचने वाला दुकानदार मिलावट करके प्रसाद बेच रहा है, मंदिर में जाने वाला व्यक्ति बेईमानी , मक्कारी, झूठ, छल, कपट से धन अर्जित करके लाया है और उसका कुछ हिस्सा भगवान को चढ़ाकर ईश्वर से अपने गुनाह माफ करवाने की मिन्नत कर रहा है, और मंदिर से निकलने के बाद फिर वही बेईमानी , झूठ, कपट, छल, करने लगता अंतर मन से पूछ कर देखो, की क्या सच्चा ईश्वर है, अब इस बात का जवाब आपके हर कारनामे को देख रहा है कि नहीं, क्या ईश्वर के सामने झूठ बोलकर, मक्कारी करके आप अपने पाप कर्मों से मुक्ति पा जाएंगे , - ShareChat