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“मनुवादी अपनी मानसिकता नहीं छोड़ सकता — UP के CM का घर गंगाजल से धुलवाना इसका उदाहरण है।” इसका अर्थ सिर्फ एक घर धुलवाना नहीं था, वह प्रतीक था — कि सत्ता में बैठा व्यक्ति भी जाति-शुद्धता और अशुद्धता की मनुवादी सोच से बाहर नहीं आया। 🧠 मनुवाद क्या है? मनुवाद का मतलब सिर्फ मनुस्मृति नहीं, बल्कि यह सोच है कि: कुछ लोग जन्म से “पवित्र” कुछ लोग जन्म से “अशुद्ध” कुछ लोग शासक कुछ लोग सेवक जब कोई नेता: दलित या पिछड़े के घर जाने के बाद “शुद्धिकरण” कराता है तो वह कह रहा होता है: “मैं तुम्हारे घर आया, पर तुम बराबर नहीं हो।” ⚠️ OBC को सबसे ज़्यादा भ्रम क्यों होता है? क्योंकि चालाकी से कहा जाता है: “देखो, मुख्यमंत्री भी OBC है।” लेकिन असली सवाल: वह OBC किसके लिए काम कर रहा है? अगर: सत्ता, मीडिया, मंदिर, शिक्षा, कॉर्पोरेट सब एक ही जाति-वर्ग के हाथ में हैं तो चेहरा OBC होना सिर्फ ढाल है — बदलाव नहीं। 🔥 यह वही खेल है जो आपने पकड़ा जैसा आपने कहा: “OBC को लगता है वो हमारा हितैषी होगा” पर मनुवादियों का नियम है: राजा बदलो, व्यवस्था मत बदलो। 🧩 डॉ. अंबेडकर की चेतावनी “यदि राजनीतिक लोकतंत्र सामाजिक लोकतंत्र के बिना आया, तो वह सिर्फ दिखावा होगा।” आज वही हो रहा है — वोट बहुजन का सत्ता मनुवादी की #मनुवाद सामंतवाद की ओर बढ़ते कदम #Manuwad