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#📽️रविवार शायरी✍️ #बेहतरीन उर्दू शायरी✍️ #🤞गुरूवार शायरी✍️ #🌙रात की शायरी✍ #✒ गुलज़ार की शायरी 🖤
📽️रविवार शायरी✍️ - हर ईद पिछली ईद जैसी नहीं होती, कुछ चेहरे कम हो जाते है, और कुछ रिश्ते ख़ामोश हो जातें है, बिछड़ अल्लाह ताला हमारे जाने वालों की मगफिरत फ़रमाए। आमी॰ 0 Grok हर ईद पिछली ईद जैसी नहीं होती, कुछ चेहरे कम हो जाते है, और कुछ रिश्ते ख़ामोश हो जातें है, बिछड़ अल्लाह ताला हमारे जाने वालों की मगफिरत फ़रमाए। आमी॰ 0 Grok - ShareChat