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#GodNightThursday कबीर, मान अपमान सम कर जानै, तजै जगत की आश! चाह रहित संस्य रहित, हर्ष शोक नहीं तास!! भक्त को चाहिए कि वह मान-अपमान में न उलझे , धैर्य रखे और अपने धर्म से विचलित न हो। हानी लाभ को परमात्मा की देन मानकर संतोष करे । 👉अधिक जानकारी के लिए Sant Rampal Ji Maharaj YouTube channel देखें। #GodNightThursday
GodNightThursday - यतल Hat आषभान धर्म बोध पृष्ठ १८७ का सारांशः कबीर, मान अपमान सम कर जानै , तजै जगत की आश। रहित, हर्ष शोक नहीं तास ।। चाह रहित संस्य भक्त को चाहे कोई अपमानित करे, उस ओर ध्यान न दे। उसकी बुद्धि पर रहम करे और जो सम्मान करता है, उस पर भी ध्यान न दे यानि किसी के सम्मानवश होकर अपना धर्म खराब न करे। हानि - लाभ को परमात्मा की देन मानकर संतोष करे। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज Satlok Ashram Betul @Satlok-Ashram-Betul OSoflokBeful यतल Hat आषभान धर्म बोध पृष्ठ १८७ का सारांशः कबीर, मान अपमान सम कर जानै , तजै जगत की आश। रहित, हर्ष शोक नहीं तास ।। चाह रहित संस्य भक्त को चाहे कोई अपमानित करे, उस ओर ध्यान न दे। उसकी बुद्धि पर रहम करे और जो सम्मान करता है, उस पर भी ध्यान न दे यानि किसी के सम्मानवश होकर अपना धर्म खराब न करे। हानि - लाभ को परमात्मा की देन मानकर संतोष करे। जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज Satlok Ashram Betul @Satlok-Ashram-Betul OSoflokBeful - ShareChat