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#☝अनमोल ज्ञान
☝अनमोल ज्ञान - जिमि सरिता सागर महुँ जाहीं| जद्यपि ताहि कामना नाहीं Il तिमि सुख संपति बिनहिं बोलाएँ। धरमसील पहिं जाहिं सुभाएँ ।I Acharya Mair जिस प्रकार नदियाँ बिना बुलाए स्वयं समुद्र में जाकर मिल जाती हैं, ठीक उसी प्रकार सुख और संपत्ति धार्मिक और नीतिवान व्यक्ति के पास अपने आप (सहज रूप में) चली 381 जय सियाराम जिमि सरिता सागर महुँ जाहीं| जद्यपि ताहि कामना नाहीं Il तिमि सुख संपति बिनहिं बोलाएँ। धरमसील पहिं जाहिं सुभाएँ ।I Acharya Mair जिस प्रकार नदियाँ बिना बुलाए स्वयं समुद्र में जाकर मिल जाती हैं, ठीक उसी प्रकार सुख और संपत्ति धार्मिक और नीतिवान व्यक्ति के पास अपने आप (सहज रूप में) चली 381 जय सियाराम - ShareChat