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#@@@ #सत_ भक्ति _संदेश
@@@ - संखों लहर मेहर की उपजें, कहर नहीं जहां कोई जहा ढास गरीब अचल अविनाशी, सुख का सागर सोई।। सतलोक शांति व सुख है। में केवल एक रस परम जब तक हम सतलोक नहीं जाएंगे तब तक हम शांति, सुख व अमृत्व को प्राप्त नहीं कर सकते। परम सतलोक में जाना तभी संभव है जब हम पूर्ण संत से उपदेश लेकर पूर्ण परमात्मा की आजीवन भक्ति करते रहें। संत रामपाल जी महाराज तत्वदर्शी ಈಗ೯ @Saflok_Ashram @SatlokBetul, Betul Saflok Ashram Betul संखों लहर मेहर की उपजें, कहर नहीं जहां कोई जहा ढास गरीब अचल अविनाशी, सुख का सागर सोई।। सतलोक शांति व सुख है। में केवल एक रस परम जब तक हम सतलोक नहीं जाएंगे तब तक हम शांति, सुख व अमृत्व को प्राप्त नहीं कर सकते। परम सतलोक में जाना तभी संभव है जब हम पूर्ण संत से उपदेश लेकर पूर्ण परमात्मा की आजीवन भक्ति करते रहें। संत रामपाल जी महाराज तत्वदर्शी ಈಗ೯ @Saflok_Ashram @SatlokBetul, Betul Saflok Ashram Betul - ShareChat