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#sher o shayri
sher o shayri - की तेरे दर पे हम खुद चल माना कर आए , ऐ इश्क दर्द और बस दर्दः दर्द 97' ये कहाँ की मेहमान नवाजी 8 6 की तेरे दर पे हम खुद चल माना कर आए , ऐ इश्क दर्द और बस दर्दः दर्द 97' ये कहाँ की मेहमान नवाजी 8 6 - ShareChat