ShareChat
click to see wallet page
search
#❤️अस्सलामु अलैकुम #🕋जुम्मा मुबारक🤲 #🕋❀◕❀मेरा प्यारा इस्लाम❀◕❀🕋 #🤲इस्लाम की प्यारी बातें #🤲अल्लाह हु अक़बर
❤️अस्सलामु अलैकुम - दुआओं की मंज़िल जुम्मा का सबसे क़रीबी दिन जुम्मा वो मुक़द्दस दिन है जब आसमान के दरवाज़े लिए खुल जाते हैं और दुआएँ रहमतों के अपनी মড়িল ক সনমী রূহীন কীনী ৯1 यह दिन हमें याद दिलाता है कि अल्लाह हमेशा हमारे दिल की आवाज़़ सुनता है। तौबा, जुम्मा सिर्फ नमाज़ का दिन नहीं, बल्कि शुक्र और सुकून का दिन है। लिए जो इंसान सच्चे दिल से हाथ उठाता है, उसके उम्मीद की रोशनी कभी बुझती नहीं। इस दिन की हर घड़ी में बरकत ೯ छुपी बस ज़रूरत है यक़ीन , सब्र और एक सच्ची दुआ की। जुम्मा मुबारक| दुआओं की मंज़िल जुम्मा का सबसे क़रीबी दिन जुम्मा वो मुक़द्दस दिन है जब आसमान के दरवाज़े लिए खुल जाते हैं और दुआएँ रहमतों के अपनी মড়িল ক সনমী রূহীন কীনী ৯1 यह दिन हमें याद दिलाता है कि अल्लाह हमेशा हमारे दिल की आवाज़़ सुनता है। तौबा, जुम्मा सिर्फ नमाज़ का दिन नहीं, बल्कि शुक्र और सुकून का दिन है। लिए जो इंसान सच्चे दिल से हाथ उठाता है, उसके उम्मीद की रोशनी कभी बुझती नहीं। इस दिन की हर घड़ी में बरकत ೯ छुपी बस ज़रूरत है यक़ीन , सब्र और एक सच्ची दुआ की। जुम्मा मुबारक| - ShareChat