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@thinkaiwithrajatmishra - सुप्तशुती के पावन श्लोक (ಸೌ; श्लोकः या देवी सर्वभूतेषु बुद्धि- रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः|l अर्थःजो देवी सभी प्राणियों में बुद्धि के रूप में स्थित हैँ उन्हें बार- बार प्रणाम है। Rajat Mishra Digital Creator Agra सुप्तशुती के पावन श्लोक (ಸೌ; श्लोकः या देवी सर्वभूतेषु बुद्धि- रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः|l अर्थःजो देवी सभी प्राणियों में बुद्धि के रूप में स्थित हैँ उन्हें बार- बार प्रणाम है। Rajat Mishra Digital Creator Agra - ShareChat